दो साल से लैपटॉप का इंतजार, स्कूल-कालेजों के 9700 मेधावियों को मिलनी है सुविधा


बाघल टाइम्स नेटवर्क

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की मैरिट में आए दसवीं व 12वीं के 8800 और कालेजों के 900 मेधावी पिछले दो सालों से लैपटॉप मिलने की आस लगा बैठे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक इन्हें लैपटॉप मुहैया नहीं करवा पाया है।

इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन की ओर से कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं, ऐसे में मेधावी इसका ही इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले लैपटॉप आबंटन के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है, अब कंपनी फाइनल की जानी है।

गौर रहे कि बीते दो वर्षों से लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया कई कारणों से स्थगित होती आ रही है। अब निदेशालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन को इसका जिम्मा दिया है। दसवीं और 12वीं कक्षा के 8800 और कॉलेजों के 900 विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना है।

कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण शिक्षा निदेशालय ने मार्च, 2020 में शुरू की खरीद प्रक्रिया रद्द कर दी थी। इस दौरान टेक्निकल बिड नहीं हो सकी थी। शैक्षणिक सत्र 2017-18 की खरीद प्रक्रिया विवादित होने के चलते राज्य इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन के माध्यम से खरीद नहीं करने का फैसला गत साल ही ले लिया गया था। वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना में बदलाव करते हुए अब लैपटॉप की बजाय स्मार्ट फोन देने का प्रोपोजल तैयार किया है, जिसे प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। अब यदि इसे फाइनल मंजूरी मिलती है, तो यह तय है कि नए सत्र से छात्रों को लैपटॉप की जगह स्मार्ट फोन दिए जाएंगे।

Follow us on Social Media
error: Content is protected !!