घनागुघाट विद्यालय में हर्बल गार्डन (औषधीय उद्यान) की स्थापना – हरित और स्वास्थ्यवर्धक भविष्य की ओर एक कदम: पुष्पेन्द्र कौशिक

घनागुघाट विद्यालय में हर्बल गार्डन (औषधीय उद्यान) की स्थापना – हरित और स्वास्थ्यवर्धक भविष्य की ओर एक कदम: पुष्पेन्द्र कौशिक

बाघल टाइम्स

अर्की ब्यूरो (15 जुलाई) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, घनागुघाट में पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए औषधीय वनस्पति उद्यान (Herbal Garden) की स्थापना की गई। इस उद्यान में 200 से अधिक औषधीय एवं जड़ी-बूटी युक्त पौधों का रोपण किया गया है, जिन्हें हिंदी प्रवक्ता सुनीता ठाकुर एवं अंग्रेजी प्रवक्ता पुष्पेन्द्र कौशिक द्वारा समर्पित किया गया।

 

इस कार्य को मूर्त रूप देने में सेवानिवृत्त भौतिकी प्रवक्ता राकेश शर्मा और कृषि विशेषज्ञ सुभद्रा कंवर का मार्गदर्शन और सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। उन्होंने इस नेक कार्य हेतु निःस्वार्थ भाव से अपना समय और श्रम दिया।

इको क्लब प्रभारी पुष्पेन्द्र कौशिक, ने कहा कि

यह उद्यान हमारे अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेगा। विद्यार्थी अब प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति के संपर्क में आकर औषधीय पौधों की पहचान और उनके औषधीय गुणों को जान पाएंगे। यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक प्रयास है।”

 

 स्वच्छता समिति प्रभारी सुनीता ठाकुर ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन एक-दूसरे से जुड़े हैं। यह औषधीय उद्यान न केवल पर्यावरणीय सौंदर्य में वृद्धि करेगा, बल्कि लोगों में स्वदेशी औषधीय पौधों के महत्व को लेकर जागरूकता भी बढ़ाएगा।

 

इस उद्यान में तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी, नीम, गिलोय, लेमनग्रास आदि जैसे उपयोगी पौधों का रोपण किया गया है, जिनके साथ जानकारी युक्त टैग भी लगाए गए हैं, ताकि विद्यार्थी एवं आगंतुक उनके गुणों को भलीभांति समझ सकें।

 

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह औषधीय उद्यान न केवल विद्यालय परिसर की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत कक्षा के रूप में कार्य करेगा, जहाँ वे पारंपरिक औषधीय पौधों की महत्ता और उपयोगिता को प्रत्यक्ष रूप से सीख सकेंगे। मैं इस हरित प्रयास के पीछे लगी पूरी टीम की सराहना करता हूँ।

 

यह पहल विद्यालय परिवार एवं स्थानीय समुदाय द्वारा अत्यंत सराही जा रही है। भविष्य में इस उद्यान का और विस्तार कर छात्रों को इसके रखरखाव, अध्ययन एवं दस्तावेजीकरण में सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा, जिससे यह एक समर्पित पर्यावरणीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

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