ट्रक चालक को तीन साल का कारावास।

एचआरटीसी कंडक्टर से मारपीट मामले में हुई सजा, अदालत ने 10 हजार रुपये लगाया जुर्माना

बाघल टाइम्स

शिमला ब्यूरो (17 जुलाई)  हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कंडक्टर से मारपीट करने के मामले में अदालत ने ट्रक चालक को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी को 10 हजार रुपए जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को चार महीने का कारावास भी भुगतना होगा। दोषी प्रदीप कुमार उर्फ शिशु सिंह तहसील चौपाल का रहने वाला है और पेशे से ट्रक चालक है। अदालत ने माना कि दोषी ने पीड़ित पर हमला किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई) शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।

 

मामला 7 अगस्त, 2020 को जिले के चौपाल पुलिस थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक रात लगभग 9 बजे पुलबहाल बस स्टैंड पर दोषी ने पीड़ित सुभाष (एचआरटीसी बस कंडक्टर) का पीछा कर टक्कर मार दी। आरोप लगे थे कि जब पीड़ित मुड़ा तो आरोपी ने उसके चेहरे पर वार किया।

नाक की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। आरोपी पर ड्यूटी के दौरान सार्वजनिक कर्तव्य से रोकने और स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप लगे थे। इसके बाद पुलिस ने

आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पुलिस सहित 9 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए। मुकदमे में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

 

इसके बाद सीबीआई अदालत ने आरोपी प्रदीप को आईपीसी की धारा 323 और 325 के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया, जबकि आईपीसी की धारा 353, 332 और 333 के तहत दंडनीय अपराधों से बरी किया।

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