कर्मचारियों-पेंशनरों को प्रदेश सरकार ने दी सौगातें, न्यूनतम पेंशन हुई 9 हजार, ग्रेच्युटी 20 लाख, 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता


बाघल टाइम्स

शिमला ब्यूरो (14 फरवरी)  हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के लगभग पौने दो लाख पेंशनभोगियों को एक फरवरी 2022 से संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन देने का निर्णय हुआ है।

प्रदेश मंत्रिमंडल के इस निर्णय से 1.30 लाख पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को एक जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन मिलेगी। एक जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का भी निर्णय हुआ है। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जुलाई 2021 से पेंशनभोगियों को 31 प्रतिशत महंगाई राहत देने का भी फैसला लिया है। यानी यह कर्मचारियों को दिए जा रहे महंगाई भत्ते के बराबर होगी।

कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया है कि एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए लगभग 43,000 कर्मचारियों को संशोधित पेंशन और ग्रेच्युटी मिलेगी। अब एक जनवरी 2016 से न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 9000 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने को मंजूरी दी। जो कर्मचारी एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं और जिनकी ग्रेच्युटी ज्यादा बनती है, उन्हें इसका एरियर मिलेगा।

जिनकी ग्रेच्युटी ज्यादा बनती थी, उनके लिए 10 लाख की कैप लगी थी, जो अब हटाकर 20 लाख रुपये पर होगी। यह एनपीएस कर्मचारियों के लिए भी लागू होगी। प्रदेश के 80 वर्ष से ज्यादा आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर देय अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने प्रदेश सरकार के एनपीएस कर्मचारियों को इन्वेलिड पेंशन और पारिवारिक पेंशन देने का निर्णय लिया है, जिस पर 250 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

संशोधित पेंशन पर 1785 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी सरकार

संशोधित पेंशन का लाभ देने के लिए राज्य सरकार सालाना 1785 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी। प्रदेश सरकार ने पेंशनभोगियों को अंतरिम राहत के रूप में पहले ही 1450.44 करोड़ रुपये दिए हैं।

Follow us on Social Media
error: Content is protected !!