
बाघल टाइम्स
अर्की

(आर कुमार)
( 20 मई) कोरोनाकाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के वित्तीय वर्ष 2020-21 के सीमेंट,रोडी, बजरी इत्यादि बिलों का भुगतान न होने से कई विकासात्मक कार्य अधर में लटके हुए है । केंद्र सरकार द्वारा पिछले करीब 6 माह मटेरियल के बिलों का भुगतान न होने से जिला सोलन के पांचों विकासखंडों की करीब सात करोड़ 72 लाख की राशि लम्बित पड़ी है। जिसके चलते पंचायतों द्वारा करवाये जाने वाले पक्के विकासात्मक कार्यों पर विराम लग गया है ।

मनरेगा के तहत लोगों के होने वाले निजी कार्य जैसे टैंक निर्माण,पक्की सुरक्षा दीवार,गौशाला निर्माण कार्य भी बाधित हुए है । अगर ज़िला सोलन के पांचों विकास खंडों की क्रमवार बात की जाए तो धर्मपुर की करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपये,कण्डाघाट की 45 लाख 27 हज़ार रुपये,कुनिहार की 99 लाख 80 हज़ार रुपये ,नालागढ़ की 1 करोड़ 44 लाख व सोलन विकासखण्ड की 1 करोड़ 47 लाख 84 हज़ार रुपये की अदायगी लम्बित पड़ी है । कोरोना काल में एक ओर जहां शहरों से गांव वापिस आए लोग मनरेगा में मजदूरी करने लिए तैयार है वहीं दूसरी ओर काम न मिलने की सूरत में यह लोग मायूस है ।
बता दे कि लोगों को घर द्वार पर रोजगार उपलब्ध हो इसके लिए वर्ष 2005 में केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को शुरू किया गया था । मनरेगा के शुरू होने से जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को करवाने में तेजी मिली,वहीं लोग को घर के पास ही आजीविका का साधन भी मिला । मनरेगा के तहत केंद्र सरकार द्वारा 100 दिन व राज्य सरकार द्वारा 20 दिन सहित वर्ष भर 120 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है ।
मनरेगा 2005 एक्ट के तहत लोगों को 15 दिन के अंदर रोजगार मुहैया करवाने का प्रावधान है। अगर लोगों को मनरेगा के तहत मजदूरी की बात की जाए तो प्रदेश में 203 रुपये प्रतदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है । ज़िला में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द लम्बित पड़ी अदायगी राशि का भुगतान करे ताकि विकास कार्यो में तेजी आ सके व उन्हें रोजी रोटी के लिए इधर उधर न भटकना पड़े ।
क्या कहते हैं अधिकारी ?
उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी(डीआरडीए) का कहना है कि वितीय वर्ष 2020-21 में सोलन ज़िला के पांचों ब्लॉकों की अभी तक करीब 7 करोड़ 72 लाख रुपये की मनरेगा की अदायगी लम्बित है । जिले में मनरेगा के तहत अन्य कार्य किए जा रहे है इसके साथ लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जा रहा है।