
पुलिस पेंशनरों ने वितीय लाभ व डी,ऐ व पैंडिंग किशतो की सरकार से की मांग।
बाघल टाइम्स
कुनिहार ब्यूरो (17 फरवरी)हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन की त्रैमासिक बैठक संयोजक व वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर व प्रधान श्यामलाल ठाकुर एवं सतपाल शर्मा महासचिव की अध्यक्षता में कुनिहार के पेंशन भवन में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम पुलिस पेंशनर का स्वर्गवास हुआ उनकी आत्म शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। पुलिस मुख्यालय के एसओपी के मुताबिक जो मीटिंग पुलिस लाइन सोलन में उपपुलिस अधीक्षक के समक्ष आयोजित हुई थी। जिसमें संगठन ने मांग रखी थी कि पुलिस लाइन के बजाय पुलिस कैंटीन जो सस्ते सामान की है वह जिला के हर थाना क्षेत्र में एक निश्चित तारीख को भेजी जाए ताकि पेंशनर अपने नजदीक सस्ता सामान प्राप्त कर सके।

दूसरे रिटायर होने से एक साल पहले प्रमोशन ड्यू होने पर फौजी पैटर्न पर उन कर्मचारियों को पदोन्नति किया जाए। यह दोनों मांगे पुलिस अधीक्षक सोलन द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है जिसकी कॉपी संगठन को प्राप्त हुई है जिनके लिए संगठन उनका धन्यवाद करता है। पुलिस पेंशनर के निधन होने पर उसके अंतिम सम्मान में गार्ड आफ ऑनर दिया जाता है उसके लिए भी एसोसिएशन पुलिस महानिदेशक व सभी एस पी का आभार प्रकट करती है। पुलिस महानिदेशक से मांग की इस अंतिम सम्मान के आदेश जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया जाता है। इसे परमानेंट लिखित में प्रदान करें ताकि प्रदेश के किसी भी जिला में इस पर संशय ना बना रहे।

एसोशन ने यह भी निर्णय लिया है कि जो पुलिस पेंशनर संगठन के मेंबर नहीं है और कई पेंशनर एक बार आए उसके बाद किसी भी मीटिंग में शामिल न हुए ना उनका कोई योगदान संगठन को ना रहा उनके प्रति संगठन सरकार या पुलिस विभाग से किसी प्रकार की विशेष सहायता नहीं करेगी क्योंकि संगठन ने बहुत पहले से निर्णय लिया है कि जो इस संगठन का रेगुलर मेंबर होगा और अपना योगदान संगठन को प्रदान करेगा। स्थाई मेंबर होगा उसके निधन होने पर यह संगठन उसको अंतिम सम्मान प्रदान करने के लिए पुरजोर कोशिश करके पुलिस विभाग द्वारा यह सम्मान दिलाया जाएगा। संगठन की जिम्मेदारी होगी और उसके परिवार में जाकर संवेदना प्रकट करके उन्हें दस हजार की राशि राहत के तौर पर प्रदान की जाएगी जबकि फौजी पेंशन के परिवार को ऐसी घटना होने पर उनके विभाग द्वारा यह राशि प्रदान की जाती है।
पुलिस पेंशनर एसोसिएशन और दूसरे संगठन सालों से सरकार से मांग कर रहे हैं कि लाखों रुपए के मेडिकल बिल जिनकी अदायगी नहीं हो रही है पेंडिंग पड़े हैं उन्हें जल्द से जल्द भुगतान करके संबंधित पेंशनर को दिए जाएं ताकि वह अपना इलाज सही तरीके से करवा सके। बड़े दुख की बात है कि आज तक इसका प्रभाव सरकार पर नहीं पड़ा है ।जबकि पेंशनर अपने अंतिम पड़ाव में बैठकर गंभीर बीमारियों से पीड़ित है जिनके हर महीने हजारों रुपए खर्च हो रहे हैं क्योंकि बजट का प्रावधान न किए जाने से ही यह समस्या पैदा हुई है सरकार इस मांग को गंभीरता से ले। इसी प्रकार 11 प्रतिशत डीए सालों से पेंडिंग पड़ा है जिसकी 41 महीने की किस्ते भी बकाया है मगर बार-बार मांग करने के बावजूद भी उस पर कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है। जबकि सरकार अपने बयान में बार-बार कहते हैं कि प्रदेश के वित्तीय हालत खराब नहीं है अगर सरकार के वित्तीय हालात बिल्कुल ठीक है तो यह पेंडिंग राशि और जो कर्मचारी 2016 के बाद रिटायर हुए हैं उनके तमाम वितीय लाभ क्यों नहीं दिए जा रहे हैं। आजकल एक और सगुफा छोड़ा जा रहा है कि सरकार द्वारा यूपीएस यानी यूनाइटेड पेंशन स्कीम देने के बारे विचार किया जा रहा है जबकि सरकार को पता है की मौजूदा सरकार ओ,पी,एस के ही कारण बनी थी यह नई स्कीम पेंशनों के हित में नहीं है इसे लागू करने के पहले हर पैनशर संगठन से विचार विमर्श किया जाए। उनकी ऑप्शन ली जाए ना की इस प्रकार की स्कीम को पेंशनरों पर जबरदस्ती थोपा जाए जबकि कई पेंशन संगठन इसका विरोध कर रहे है तो इसमें जल्दबाजी न की जाए।
बैठक में श्यामलाल भाटिया, पतराम, वेद ठाकुर, धर्म सिंह ठाकुर ,आशा राणा, पुष्पा सूद, बीना देवी, जगजीत बक्शी, दीपराम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, रतिराम शर्मा, जीतराम ठाकुर व हरि सिंह पाल बगैरा उपस्थित रहे।