
13 April 2021
बाघल टाइम्स
दूसरे नवरात्र को माँ दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है।ब्रह्मचारिणी अर्थात् तप का आचरण करने वाली।देवी का यह रूप पूर्ण ज्योतिर्मय और अत्यंत भव्य है।इह देवी के दाएँ हाथ में जप की माला है और बाएँ हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं।यह देवी सरल स्वभाव की हैं।इन्हें सफेद रंग काफी पसन्द है इसलिए इन्हें सफेद मिठाई का भोग लगाया जाता है।सफेद फूल चढा़ए जाते हैं।इनकी पूजा और साधना से कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है।ज्योतिष के अनुसार जिन जातकों का चन्द्रमा कमजोर होता है उन्हें इस देवी की आराधना करनी चाहिए जिससे उनका सदाचार और संयम बढ़ता है।कठिन संघर्ष में भी मन विचलित नहीं होता है।
अश्विनी शर्मा शास्त्री
ज्योतिषाचार्य
अमृतसर
