
बाघल टाइम्स नेटवर्क
जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश के हजारों लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर सीधे 70 और महिलाओं के लिए 65 वर्ष की है। और अब चुनावी वर्ष में प्रदेश के लाखों लोगों को सीधे अपने साथ जोडऩे के लिए सरकार बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है।
इस बात के संकेत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने धर्मशाला प्रवास के दौरान दिए। इसी कड़ी में काम करते हुए सरकार ने पेंशन देने के लिए आय सीमा को पहले ही 35 हजार से 50 हजार करने का बड़ा निर्णय ले लिया है। बुढ़ापे में बुजुर्गों का सहारा बनने के लिए जयराम सरकार ने नए प्लान पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने अपने स्तर पर एक्सरसाइज भी शुरू कर दी है।

पेंशन की आयु को 80 से 70 व 65 करने के बाद अब इसे सीधे रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष करने की योजना पर काम चल रहा है। पेंशन योजना के लिए बजट में प्रावधान करने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे गए हैं। जयराम सरकार हिमाचल को देश के अन्य राज्यों से अलग कल्याणकारी राज्य बनाने का दांव खेलने की तैयारी में है। यदि वित्त विभाग इस सारे मामले पर हामी भरता है, तो बजट सत्र में हिमाचल 60 साल से अधिक आयु के लोगों को पेंशन देने वाला पहला ऐसा राज्य बन जााएगा। इसमें उन सभी लोगों को पेंशन की सुविधा होगी, जो इनकम टैक्स पे नहीं करते, या फिर कहीं ओर से उन्हें पेंशन नहीं मिलती। अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक में 70 साल की आयु को 60 वर्ष करने का सुझाव आया तो मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर सरकार काम कर रही है। शिक्षा विभाग में किसी समुदाय विशेष के बच्चों का स्कूल छोडऩे के मामले न आएं इस बात को गंभीरता से देखा जाएगा।

मन्यवर एक ऐसा समय था जब 18-20 वर्ष की आयु पर सरकारी नौकरी लग जाती थी। अब ऐसे मामलें भी है जो सेवानिवृत्त होने से 5-7 वर्ष पूर्व ही नियमित हो रहे है।
अतः मेरा सुझाव है कि 33 वर्ष का सेवाकाल या साठ वर्ष की आयु जो पहले हो उसे वहां सेवानिवृत कर दिया जाए।
केन्द्र सरकार में भी सेवनिवृति की आयु 60 वर्ष है। सभी वर्ग के कर्मचारियों की सेवनिवृत आयु 60 वर्ष उचित है।