
बाघल टाइम्स
शिमला ब्यूरो (09 फ़रवरी) हिमाचल प्रदेश में आनन-फानन में बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसला हुआ है
दो दिन से प्रदेश में धरने पर चल रहे ठेकेदारों की मांगें सरकार ने मान ली है. बुधवार को शिमला में सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह फैसला हुआ है. करीब एक घंटे तक शिमला में कैबिनट की बैठक हुई.
.इसके अलावा कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को लेकर सूबे में लगाया गया नाइट कर्फ्यू खत्म कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मीटिंग में कोरोना बंदिशों में भी ढील देने को लेकर फैसला हुआ है. अब इंडोर और आउटडोर में क्षमता के 50 फीसदी लोग एकत्र हो सकेंगे. वहीं, कैबिनेट में तय हुआ है कि ठेकेदारों की पेमेंट जल्द सरकार कर देगी और उन्हें करीब 270 करोड़ रुपये की राशि बकाया दी जाएगी.
ठेकेदार सरकार से माइनिंग के नियमों में संशोधन कर सरलीकरण की मांग कर रहे थे. क्रेशर में डब्ल्यू एक्स फार्म देने की सीमा तय की गई है. लेकिन ठेकेदारों को यह फार्म नहीं मिल रहे थे, जिससे लोक निर्माण और अन्य विभागों के पास करोड़ों की राशि फंसी हुई है. ठेकेदारों का एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर रिफंड का मामला भी लटका हुआ है और इस कारण ठेकेदार दो दिन से हड़ताल पर चल रहे हैं।
