
बाघल टाइम्स
कुनिहार ब्यूरो(15 जनवरी)
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सी एंड वी की मांग पर अंतर जिला स्थानान्तरण नीति बना कर इस वर्ग पर बहुत बड़ा उपकार किया है।यंहा जारी प्रैस विज्ञप्ति में राज्य अध्यक्ष दुर्गानन्द शास्त्री व महासचिव देवदत्त शर्मा ने बताया,कि सी एंड वी अध्यापकों का जिला कैडर है,परन्तु बहुत से अध्यापको की प्रथम नियुक्ति अन्य जिलों में है और एक लंबे समय से संघ सरकार से माँग कर रहा था कि इन अध्यापकों को अपने अपने जिला में वापिस आने के लिए कोई नीति बनाई जाए।सरकार ने मामले को उचित समझते हुए इन्हें आपसी सहमति से अंतर जिला स्थानांतरण नीति बना कर कर संघ की लंबे समय से चली आरही मांग पूरी की है साथ ही 5% अंतर जिला स्थानान्तरण नीति के तहद भी कुछ अध्यापक अपना स्थानांतरण करवाते हैं।

जैसे ही गत वर्ष सरकार ने आपसी सहमति से स्थानांतरण नीति पर मोहर लगाई तो पूरे प्रदेश में इस नीति के तहद स्थानांतरण करवाने की होड़ लग गई।बहुत से अध्यापक अपने अपने वांछित स्टेशनों पर पहुँच गए और ऐसे अध्यापक भी स्थानान्तरित हुए जो अभी अनुबंध सेवा में थे।अभी हाल ही में सरकार द्वारा 2 वर्ष का सेवा काल पूरा करने वाले सभी अनुबंध कर्मियों को नियमित किया तो इस सूची में वे सभी लोग छोड़ दिये गए जो अनुबंध सेवा काल मे अंतर जिला स्थानांतरण करवा कर दूसरे जिला में गए हैं,परन्तु अब समस्या यह है कि क्या उन्हें दुबारा से 2 वर्ष का अनुबंध काल पूरा करना पड़ेगा जो सरासर गलत है।विभाग एक है पद एक है बस बदला है तो मात्र जिला ही तो बदला है।फिर क्यों ये अध्यापक साथी नियमित होने से वंचित रहें।इस बारे जिला सोलन उप शिक्षा निदेशक (प्रारम्भिक)से दूरभाष द्वारा बात की गई तो उन्होंने कोई संतोष जनक उत्तर न देकर यह कह कर अपना पल्लू झाड़ लिया कि हमने इस बारे विभाग से स्पष्टीकरण माँग है।
राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ माननीय मुख्यमंत्री और माननीय शिक्षा मंत्री हिमाचल प्रदेश से आग्रह करता है कि आप व्यक्तिगत तौर पर इस पूरे मामले में मध्यस्तता करें और नियमित होने से वंचित रहने वाले प्रदेश भर के अनेकों अध्यापकों पर विशेष कृपा करें।
