आत्म कल्याण के लिए श्रीमद देवी भागवत पुराण का श्रवण अवश्य

आत्म कल्याण के लिए श्रीमद देवी भागवत पुराण का श्रवण अवश्यक : श्री हरि जी महाराज

बाघल टाइम्स

कुनिहार ब्यूरो (28 जनवरी) कुनिहार के कोठी पंचायत के गांव लोहारा में नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है ।

 

आज तीसरे दिन कथावाचक आचार्य हरि जी महाराज ने ज्ञानरूपी गंगा का प्रवाहित करते हुए उपस्थित भक्त जनों के समक्ष देवी जगत जननी की महिमा का गुणगान किया । उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि अठारह पुराणों में श्रीमद् देवी भागवत पुराण श्रेष्ठ है ।इस पुराण को पढ़ने तथा सुनने से सभी प्रकार के भय,दुख, शत्रु,दुर्भिक्ष तथा भूत प्रेत आदि से मुक्ति मिल जाती है ।

 

देवी के अराधक के लिए संसार का कोई भी पदार्थ दुर्लभ नहीं रहता । अतः आत्म कल्याण के अभिलाषी मनुष्यों को श्रीमद् देवी भागवत पुराण का पठन एवं श्रवण अवश्य करना चाहिए । इस पवनमई कथा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कथा आयोजक ज्ञानचंद एवं सुखदेव ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन शुक्रवार 26 जनवरी से 3 फरवरी तक अपराहन 1:00 से 4:00 तक आयोजित की जा रही है ।

इस कथा को आचार्य श्री हरि जी महाराज अपने मुखारविंद से ज्ञान रूपी गंगा का प्रतिदिन प्रवाह करेंगे।इस कथा के उपरांत प्रतिदिन नारायण सेवा के रूप में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है ।

कथा में महेन्दर कुमार, विनोद कुमार, विजयन्त के साथ अधिक से अधिक संख्या में आसपासके गांव के लोग प्रतिदिन सम्मिलित होकर के अपनी सकारात्मक सहभागिता सुनिश्चित कर कथा का रसास्वादन रहे हैं

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