
बाघल टाइम्स
शिमला ब्यूरो (19 जनवरी) मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 17 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इसमें 207 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धर्मशाला स्काईवे भी शामिल है जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री ने आज सुबह किया।
जय राम ठाकुर ने 6.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धौलाधार कनवेशन केंद्र, उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में 2.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग, 8.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धौलाधार गार्डन, 6.50 करोड़ रुपये की लागत से अंघर महादेव मन्दिर परिसर में विकासात्मक कार्य, 97 लाख रुपये की लागत से विकसित बहुद्देशीय पार्क धर्मशाला, 10.50 करोड़ रुपये से चामुण्डा मन्दिर के जीर्णोधार कार्य, 4.63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आर्ट एंड क्राफ्ट सेन्टर रझियाणा, 3.60 करोड़ रुपये से बृजेश्वरी मंदिर परिसर में सुधार कार्य, 4.35 करोड़ रुपये से माता बाघ कांगड़ा में विकास कार्य और एडीबी के अन्तर्गत 14.34 करोड़ रुपये की लागत से ज्वालामुखी में निर्मित पार्किंग का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने 3.58 करोड़ रुपये से निर्मित विलेज हार्ट कांगड़ा, दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आरएफएसएल के टाईप-4 क्वाटर, धागवार में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मिल्कफेड के बिस्कुट प्लांट और 1.58 करोड़ रुपये से आरएफएसएल के डीएनए और साइबर कॉम्पलैक्स खंड का भी लोकार्पण किया।

जय राम ठाकुर ने 1.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आरएफएसएल के एडवांस इंस्टूमेंट लैब और 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धर्मशाला की क्षेत्रीय प्रयोगशाला का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने में धर्मशाला मैकलोडगंज रोपवे मील का पत्थर साबित होगा। उन्हांने कहा कि महामारी के बावजूद इस रोपवे का निर्माण समयबद्ध पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटकों के साथ अन्य यात्रियों को परिवहन की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगी। इस रोपवे का निर्माण विश्व स्तरीय नवीनतम तकनीक से किया गया है। उन्होंने इस परियोजना के निष्पादकों को दैनिक यात्रियों के लिए पास उपलब्ध करवाने की एक प्रणाली विकसित करने के लिए भी कहा।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नई राहें नई मंजिलें योजना के अन्तर्गत पर्यटन की दृष्टि से अनछुए स्थलों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के चाशंल को स्कीइंग और शीतकालीन खेल गंतव्य स्थल, मंडी जिला के जंजैहली को इको-टूरिज्म स्थल, कांगड़ा जिले के बीड़ बिलिंग को साहसिक खेल स्थल और पौंग डैम को जलक्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं पूर्ण होने पर विश्वभर से पर्यटकों को आकर्षित करेंगी।
