अर्की के आईटीबीपी कमांडेंट पवन गुप्ता को दो सितारों व प्रशस्ति पत्र के साथ डीजी गोल्डन डिस्क सम्मान
अलवर में बल के 65 वैँ स्थापना दिवस समारोह में महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ( भा.प्र.से.) ने किया सम्मानित, 30वीं वाहिनी जालंधर को भी मिला सर्वत्र स्वच्छ वाहिनी ।
बाघल टाइम्स
अर्की ब्यूरो (22 अक्तुबर)- अर्की निवासी भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 30वीं वाहिनी जालंधर के कमांडेंट पवन गुप्ता को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा और कार्यकुशलता के लिए प्रतिष्ठित डीजी गोल्डन डिस्क पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजस्थान के अलवर में आयोजित बल के 65 वें स्थापना दिवस समारोह में आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ( भा.प्र.से.) ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। पवन गुप्ता को यह पुरस्कार दो सितारों और प्रशस्ति पत्र के साथ प्रदान किया गया, जो उनके लिए गौरव की उपलब्धि है।

इस समारोह में 30वीं वाहिनी जालंधर ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वत्र स्वच्छ वाहिनी पुरस्कार हासिल कर अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा। वाहिनी की ओर से यह पुरस्कार भी पवन गुप्ता ने प्राप्त किया। एक ही समारोह में व्यक्तिगत सम्मान के साथ वाहिनी को भी पुरस्कार मिलने से बल के अधिकारियों और जवानों की कार्यशैली, अनुशासन तथा सामूहिक प्रयासों को विशेष पहचान मिली है।
पवन गुप्ता को मिले इस सम्मान को उनकी सेवा के प्रति समर्पण, जिम्मेदारी के निर्वहन और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है। आईटीबीपी देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है। ऐसे में बल के अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाना उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य जवानों और अधिकारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
पवन गुप्ता इससे पूर्व श्रीनगर में सेकेंड-इन-कमांड (द्वितीय कमान अधिकारी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव और जिम्मेदारियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके सेवा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। वर्तमान में वह आईटीबीपी की 30वीं वाहिनी, जालंधर में कमांडिंग ऑफिसर के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में वाहिनी को स्वच्छता के क्षेत्र में मिला सम्मान भी संस्थागत कार्यप्रणाली और सामूहिक अनुशासन की उपलब्धि के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मान समारोह के दौरान पवन गुप्ता की धर्मपत्नी नविता गुप्ता सहित उनके परिजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। परिवार के सदस्यों के लिए यह अवसर गर्व और प्रसन्नता का रहा। किसी भी अधिकारी के लिए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है, वहीं परिवार की उपस्थिति इस अवसर को और भी यादगार बना देती है।
पवन गुप्ता की इस उपलब्धि से उनके गृह क्षेत्र अर्की में भी खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल व्यक्तिगत सम्मान हासिल किया, बल्कि उनके नेतृत्व वाली 30वीं वाहिनी ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।