वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण
14 सदस्यीय दल ने 60 से 77 वर्ष की आयु में दुर्गम क्षेत्रों की यात्रा कर प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति को जाना
बाघल टाइम्स
कुनिहार ब्यूरो (22 सितंबर) वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी के 14 सदस्यीय दल ने अध्यक्ष जगदीश भारद्वाज के नेतृत्व में किन्नौर और लाहौल स्पीति के दुर्गम क्षेत्रों का भ्रमण किया। यात्रा में 60 से 77 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। दल ने हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता धार्मिक स्थलों और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव किया।

दल ने सायरी से यात्रा शुरू कर शिमला, रामपुर, ज्युरी, तारंडा, कड़छम और सांगला होते हुए भारत के अंतिम गांव छितकुल में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन छितकुल से रवाना होकर हिमाचल के रेंगिस्तान के नाम से प्रसिद्ध गांव पूह नाको झील और स्पीति व सतलुज नदी के संगम स्थल खाब का भ्रमण किया। इसके बाद समदो होते हुए ग्यू गांव पहुंचे। यहां करीब 550 वर्ष पुरानी ममी देखकर सभी सदस्य हैरान रह गए। स्थानीय लोगों ने ममी के बाल और नाखून लगातार बढ़ने की मान्यता के बारे में जानकारी दी।
यात्रा के दौरान दल ने ताबो में अंतरराष्ट्रीय ताबो मठ, काजा, कीह मठ और लांगजा गांव का भ्रमण किया। इसके बाद विश्व के सबसे ऊंचे गांवों में शामिल कोमिक और हिक्किम का दौरा किया। हिक्किम में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर को भी देखा। अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में कठिनाई के बावजूद सदस्यों ने हिम्मत नहीं हारी।
इसके बाद दल ने एशिया के सबसे ऊंचे चीचम रोप ब्रिज का अवलोकन किया और लोसार में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन करीब 4500 मीटर ऊंचाई पर स्थित कुंजुम पास पहुंचकर कुंजुम माता के दर्शन किए। चंद्रताल झील के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेने के बाद दल मनाली पहुंचा। रास्ते में अटल टनल और सोलंग नाला का भी भ्रमण किया।
यात्रा के दौरान सदस्यों ने स्थानीय लोगों के रहन सहन खेती और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जीवनयापन के तरीकों की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण में जगदीश भारद्वाज, बैली राम राठौर, रमेश कश्यप, राम सरण, राजेंद्र परिहार, सीता राम कश्यप, पूर्ण चंद कश्यप, राम सरण, गोपाल भारद्वाज, मनोहर लाल, टेक चंद और दलीप शर्मा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।